Sunday, June 28, 2020

गुगल हैल्प

घोंसला अपना हो

गुगल हैल्प


कई दिनों कव्वे कव्वी ने तिनके जमाये

हवा के एक झोंके से सारे बिखर गये

कव्वे के दिल पर गहरा आघात हुआ

पहली बार तो घोंसला बनाया था

मेहनत पर सारी पानी फिर गया

कव्वी से बोला, मैं थक गया अब

क्या करें तु बता..

गये साल जिस कबुतरी का घोंसला

तुमने छिना था वह फिर नये

घोंसला बनाये हुए है..

कव्वे ने कहा तो बात बन गई

बता कहां पर है...

कव्वी ना ना, मैं उसे न बेघर करुंगी

कैसे घोंसला बनांऊ ये पता करुंगी

अगले दिन..

मिसिज एंड मिस्टर कव्वा तिनके लाते

और मिसिज एंड मिस्टर कबुतर घोंसला बनाते

कबुतर कबुतरी ने घोंसला अपने से भी सुन्दर बनाया

जब शाम हुई तो उड़ कर अपने घोंसले में जाने लगे

वहां पहले ही से आवाजें आ रहीं थी

कव्वा अपनी धर्मपत्नी से “ घोंसला  बुहत अच्छा बनाया है

कव्वी अपना होता चाहे जैसा भी होता "

वह, इशारे  को  समझ गया

दुसरे दिन कव्वे को सुबह से शाम हो गई

कव्वी ने कहा, कुछ खा तो लेते, खाली पेट हो

कहीं चक्कर आ गया तो, कोई भी नहीं है अपना

धुन लग गई कि अपनी मेहनत से घोंसला बनाना है

जामुन की सूखी टहनी तोड़ कर इकठ्ठी कर ली

जब ये टहनी ठीक बैठे तभी दुसरी गिरने लगे

कई बार कोशिश की, थक गया, तो हार मान बैठा


उसकी पत्नी भी, समझ सारी बात गई

बोली सुनो, ये तुम्हारी गलती नहीं है

पहले कभी नहीं बनाया, तो मुश्किल तो होगी ना

गुगल से हैल्प ले लो, हाऊ टू कन्सट्रक्ट नेस्ट


तभी वही कबुतरी आई और बोली

गुगल हैल्प नहीं मेरी हैल्प चाहिये तुम्हे

हम सभी को एक दूसरे के लिये ही तो बनाया है

सब ने मिलकर दुसरे ही दिन घोंसला बना दिया,


अब दोनो सपरिवार अपने अपने घोंसलों में रहने लगे

चील चाचा की ट्रेनिंग चल रही है 

दोनो के बच्चे खुले आसमानी मैदान में 

गुलचियां मार कर उड़ना सीख रहे हैं।





5 comments:

  1. बहुत ही बढ़िया। गूगल हेल्प कमाल का कॉन्सेप्ट है।

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  2. Aap sabhi ka meri Honsla afjai ke liye shukriya

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