राजेश कुमार पूनिया की कलम से
बहुत कायराना , तुमने कोरोना ये काम किया
जनमानस के जीवन में कैसा ये तूफान दिया
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हम भारत वासी रस मलाई ,चमचम खाते
उनको न जाने क्यो सांप, चमगादड़ भाते
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कारसीनोमा से मिलता-जुलता कोरोना नाम दिया
कहें जब बच्चे को, बस ना रोना, लगे चोट हिया
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शायद बंद मंदिर मस्जिद से भी हमें ये बताता होगा
अब खुद के अंदर रहो, जगत भरम से जगाता होगा
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शायद ऊपर वाला हमें ये समझाता होगा
खुद के अंदर रहो, जगत तुम्हे भरमाता होगा
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