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मुहावरा
कहां आजकल कभी तुम अपने पड़ोसी
को रात में जगाते हो
पड़ोसी कहे इतनी बड़ी बात हो गई हमें
तुम कब बताते हो
'पड़ोसी ही पड़ोसी के काम आता है'
मुहावरा कहां पाते हो
कहां होली के रंग और दिवाली की मिठाई
लेकर जाते हो
दिखे पड़ोसी आते जाते तो दूर से गर्दन
सी हिलाते हो
हो कोई पार्टी का प्रोग्राम तो पड़ोसी को
भूल जाते हो
अगले दिन नजरे बचाते दूध की दुकान
पर जब मिल जाते हो
भला बनने की कोशिश होती, जब खुद
घर मिठाई दे जाते हो

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