Friday, July 10, 2020

जगदीप जी की यादें


बीते कुछ दिनों  के हालातों को देखकर  एक ही बात सभी करते हैं कि कुछ नहीं रखा ज्यादा जोड़ने में। अगले पल का पता नहीं, फिर क्यों अगली पीढ़ियों की चिंता करें?   यह कहना सही भी है, अब देखो ना पिछले कुछ दिनों में ही कई हस्तियाँ हमसे जुदा हो गईं, बड़े बड़े कलाकार, गीतकार, कोरियोग्राफर आदि, इस कोरोनाकाल में स्वर्ग सिधार चुके हैं। आज (08.07.2020) हमारे बीच से हास्य जगत में अपना लोहा मनवा चुके सबके चहेते रहे श्री जगदीप जी का इंतकाल हो गया। उन्हे ख़ाके सुपूर्द कर दिया गया। 

एक समय था जब मनोंरजन की दुनिया में दिव.जगदीप जी के मुकाबिल कम ही कलाकार थे। उनका कोई स़ानी नही था। उनका असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था, लेकिन शायद कम ही को पता हो। अलबत्ता "सूरमा भोपाली"  को  सभी जानते होंगे। 

जब वे  फिल्म शोले में  डॉयलॉग कहते हैं "मिअरा नाम सूरमा भोपाली एईथे ही नई है।" "फिर मियां, मियने कहा कि  जाते किधर हो,, ... और कोई खिदमत हो मेरे लायक तो बताओ, अरे चलो यहां से, पच्चीस झूठ हम से बुलवाते हो......चलो यहां से अपना काम करो। और क्या दो रुपये में पूरा जंगल खरीदने निकले थे, जाने कहां कहां से चले आते हैं।"  इस तरह से उनको एक नया नाम और मिल गया, जो हम सब की जुबां पर हमेशा रहेगा। एक फिल्म और याद आ रही है "तीन बहुरानियां" जिसमें जगदीप साहब ने हमें खूब हंसाया था, याद आया ?  


हे ईश्वर, अल्लाह, जिन्होने हमें अपनी अदाकारी से खूब हंसाया और हमारी जीवन  झोली में अपार  खुशियां भरी, उन्हे आप सदा अपने चरणों में  रखना प्रभु । औम शांति 

 

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