Tuesday, December 16, 2025

 रहते आए हैं आप सदा से दिल्ली में 

आग लगा दे है वो ताक़त तिल्ली में 


पीछे रह,मजा ले औरो की खिल्ली में 

साहब से डर है , लगे बात दिल ही में 


सतरंज गुर मिले , बैठ घास गिल्ली में 

नजर चौकन्नी, जैसे है होती बिल्ली में 


वक्त पे काम आ जाए, 

बात जो अपनी छुपाये 

बात पुरानी याद दिलाए 

देख कर मंद मंद मुस्काए 

hb२u🙋‍♂️🙏❤️

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