रहते आए हैं आप सदा से दिल्ली में
आग लगा दे है वो ताक़त तिल्ली में
पीछे रह,मजा ले औरो की खिल्ली में
साहब से डर है , लगे बात दिल ही में
सतरंज गुर मिले , बैठ घास गिल्ली में
नजर चौकन्नी, जैसे है होती बिल्ली में
वक्त पे काम आ जाए,
बात जो अपनी छुपाये
बात पुरानी याद दिलाए
देख कर मंद मंद मुस्काए
hb२u🙋♂️🙏❤️
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