मेरा भारत महान है
हम सभी दुश्मन के लिये, वक्त आने पे फौलाद होंगे
जो पीठ दिखा दे, वो किसी कायर ही की औलाद होंगे
द्वाराः राजेश कुमार पूनिया
है रगो में बहता खून, जब तलक मेरी (जवान)
नहीं होगा तब तक, नींद में खलल तेरी
द्वाराः राजेश कुमार पूनिया
ये मत समझना वीरो, के घर पे हम सोते हैं (देशवासी)
आँखों में बस, दुश्मन की, तुम्हारे हाथों मौतें हैं।।
द्वाराः राजेश कुमार पूनिया
भारत ने, भरत का सा दिखा के त्याग, तुम्हें मौके, कई हजार दिये
बदगुमानी तुम्हारी, दुनिया देख रही, हमने नंगे, सरे- ब़जार किये
द्वाराः राजेश कुमार पूनिया
No comments:
Post a Comment